समस्तीपुर जिले के रोसड़ा थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम प्रभु ठाकुर मोहल्ला में गोलीबारी की घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। 25 वर्षीय युवक आशीष रंजन पर अज्ञात हमलावरों ने गोली चलाई, जो उनकी बाएं जांघ में लगी। घटना के बाद गंभीर स्थिति में घायल युवक को तुरंत परिजनों और पुलिस की मदद से अनुमंडलीय अस्पताल रोसड़ा ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें समस्तीपुर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायल की पहचान स्थानीय निवासी मनोज कुमार झा के पुत्र के रूप में की गई है।
घटना के बारे में एसडीपीओ-2 संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि पुलिस फिलहाल मामले की गहनता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि गोली किस परिस्थिति में चली और हमला जानबूझकर किया गया था या कोई दुर्घटना हुई। घायल युवक की स्थिति स्थिर होने के बाद उसका बयान दर्ज किया जाएगा, जो यह निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाएगा कि यह एक जानलेवा हमला था या हादसा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के तुरंत बाद मोहल्ले और आसपास के क्षेत्रों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया। कई लोग घरों और दुकानों में छिप गए, जबकि कुछ स्थानीय युवाओं ने खुद ही घटना स्थल पर पहुँचकर स्थिति को समझने की कोशिश की। पुलिस ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और जांच में सहयोग करने की अपील की है।
पुलिस टीम ने मौके पर मौजूद सभी संभावित साक्ष्यों को जुटाना शुरू कर दिया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि अपराधियों की पहचान की जा सके। इसके अलावा, पुलिस ने इलाके में गश्ती बढ़ा दी है और संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से सामाजिक माहौल प्रभावित होता है। इसलिए तुरंत जांच और अपराधियों की गिरफ्तारी न केवल कानून व्यवस्था के लिए जरूरी है, बल्कि स्थानीय लोगों के विश्वास और सुरक्षा की भावना बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि मामले की जांच तेजी से और सभी पहलुओं पर ध्यान रखते हुए की जा रही है, और जैसे ही महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी, उसका सार्वजनिक रूप से विवरण भी दिया जाएगा। बताते चलें कि,रोसड़ा थाना क्षेत्र में हुई गोलीबारी की यह घटना केवल एक व्यक्तिगत हमले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था और समाज में बढ़ती असुरक्षा की एक चेतावनी है। युवा और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
आधुनिक शहरों और कस्बों में इस तरह की घटनाएं कानून व्यवस्था और सामाजिक शांति के लिए गंभीर चुनौती पेश करती हैं। केवल दोषियों की गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपराध की रोकथाम के लिए व्यापक रणनीति अपनाना आवश्यक है। इसमें इलाके में निगरानी बढ़ाना, पुलिस गश्ती को सक्रिय रखना और आम लोगों के सहयोग से स्थानीय सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना शामिल है।
स्थानीय नागरिकों और युवाओं का यह कर्तव्य भी बनता है कि वे अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और अफवाहों से बचें। इससे पुलिस को कार्रवाई में तेजी और सटीकता लाने में मदद मिलेगी।
यह घटना यह भी याद दिलाती है कि सामाजिक और सामुदायिक जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की है। कानून व्यवस्था और सामाजिक शांति दोनों को बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है। यही एकमात्र रास्ता है जिससे हमारे मोहल्लों और कस्बों में भय और असुरक्षा का माहौल समाप्त हो और लोग सुरक्षित महसूस कर सकें।